दो: आ आ आ
आ: ज़मीं से हमें आसमाँ पर
बिठा के गिरा तो न दोगे
र: अगर हम ये पूछें के दिल में
बसा के भुला तो न दोगे
आ: ज़मीं से हमें …
र: अगर हम ये पूछें …
आ: ( ऐ रात इस वक़्त आँचल में तेरे
जितने भी हैं ये सितारे ) -2
र: जो दे दे तू मुझको तो फिर मैं लूटा दूँ
किसी की नज़र पे ये सारे
आ: आ
कहो के ये रंगीन सपने
सजा के मिटा तो न दोगे
र: अगर हम ये पूछें …
आ: ( तुम्हारे सहारे निकल तो पड़े हैं
है मंज़िल कहाँ दिल न जाने ) -2
र: जो तुम साथ दोगे तो आएगी एक दिन
मंज़िल गले से लगाने
आ: आ
इतना तो दिल को यक़ीं है
हमें तुम दग़ा तो न दोगे
र: अगर हम ये पूछें …
दो: आहा-हा हाहा-हा हाहा-हा
ल-ला-ला ल-ला-ला ल-ला-ला
म््-ह््म्् ह््म््-ह््म््-ह््म्् ह््म््-ह््म््-ह््म््
आहा-हा हाहा-हा हाहा-हा