ये शाम की तनहाईयाँ, ऐसे में तेरा गम
पत्ते कही खड़के, हवा आई तो चौंके हम
जिस राह से तुम आने को थे, उस के निशान भी मिटने लगे
आये ना तुम सौ सौ दफ़ा, आए गए मौसम
सीने से लगा तेरी याद को, रोती रही मैं रात को
हालत पे मेरी चाँद तारें रो गए शबनम
ये शाम की तनहाईयाँ, ऐसे में तेरा गम
पत्ते कही खड़के, हवा आई तो चौंके हम
जिस राह से तुम आने को थे, उस के निशान भी मिटने लगे
आये ना तुम सौ सौ दफ़ा, आए गए मौसम
सीने से लगा तेरी याद को, रोती रही मैं रात को
हालत पे मेरी चाँद तारें रो गए शबनम
ye śhām kī tanhāīyāṇ, aise meṅ terā gam
patte kahī khaṛke, havā āī to chauṅke ham
jis rāh se tum āne ko the, us ke niśhān bhī miṭne lage
āye nā tum sau sau dafā, āe gae mausam
sīne se lagā terī yād ko, rotī rahī maiṅ rāt ko
hālat pe merī chāṇd tāreṅ ro gae śhabanm