वो देखे तो उनकी इनायत, ना देखे तो रोना क्या
जो दिल गैर का हो उसका होना क्या और ना होना क्या
इश्क दिलों का मेल है प्यारे, ये नज़रों का खेल नहीं
जब तक दो दिल एक ना हो ले, दिल की लगी का रोना क्या
इश्क की बाजी सीधी बाजी, दिल जीतो और दिल हारो
इस सौदे में ओ दिलवालों, पाना क्या और खोना क्या