हे: वो चाँद
वो चाँद नहीं है
दिल है किसी दीवाने का
(आकश जिसे कहती दुनिया) - 2
वो नाम है इक वीराने का …
(दीवाने के दिल की ही तरह) - 2
वो रातों जलता रहता है
इस नींद की माटी नगरी मे
वो कुछ न किसी से कहता है
(है उस मे शमा की बेचैनी) - 2
और प्यार भी है परवाने का …
हे: जब से पहलू से गया है दिल
किसी पहलू नींद नहीं आती
आ: (जो सूरत दिल मेन समयी है) -2
(वो सूरत दिल से नहीं जाती ) -2
आओ आँचल पतला जाओ
क्या रात है दिल मे समाने का
क्या रात्