जब हम चलें तो साया भी
अपना न साथ दे
जब तुम चलो
ज़मीन चले आसमाँ चले
जब हम रुकें तो साथ रुके
शाम-ए-बेक़सी
जब तुम रुको बहार रुके
चाँदनी रुके
जब हम चलें तो साया भी
अपना न साथ दे
जब तुम चलो
ज़मीन चले आसमाँ चले
जब हम रुकें तो साथ रुके
शाम-ए-बेक़सी
जब तुम रुको बहार रुके
चाँदनी रुके
jab ham chaleṅ to sāyā bhī
apnā na sāth de
jab tum chalo
zamīn chale āsmāṇ chale
jab ham rukeṅ to sāth ruke
śhām-e-beqsī
jab tum ruko bahār ruke
chāṇdnī ruke