उन को ये शिकायत है के हम, कुछ नहीं कहते
उन को ये शिकायत है के हम, (कुछ नहीं कहते - 2)
अपनी तो ये आदत है के हम, (कुछ नहीं कहते - 2)
मजबूर बहौत करता है ये, (दिल तो ज़ुबां को - 2)
कुछ ऐसी ही हालत है के हम, (कुछ नहीं कहते - 2)
अपनी तो ये आदत …
कहने को बहौत कुछ था अगर, (कहनेपे आते - 2)
दुनिया की इनायत है के हम, (कुछ नहीं कहते - 2)
अपनी तो ये आदत …
कुछ कहनेपे तूफ़ान (उठा लेती है दुनिया - 2)
अब इसपे क़यामत है के हम, (कुछ नहीं कहते - 2)
अपनी तो ये आदत …
un ko ye śhikāyat hai ke ham, (kuchh nahīṅ kahte - 2)
apnī to ye ādat hai ke ham, (kuchh nahīṅ kahte - 2)
majbūr bahaut kartā hai ye, (dil to zubāṅ ko - 2)
kuchh aisī hī hālat hai ke ham, (kuchh nahīṅ kahte - 2)
apnī to ye ādat …
kahne ko bahaut kuchh thā agar, (kahnepe āte - 2)
duniyā kī ināyat hai ke ham, (kuchh nahīṅ kahte - 2)
apnī to ye ādat …
kuchh kahnepe tūfān (uṭhā letī hai duniyā - 2)
ab ispe qayāmat hai ke ham, (kuchh nahīṅ kahte - 2)
apnī to ye ādat …