हे: (तुम्हें याद होगा कभी हम मिले थे ) -2
मुहब्बत की राहों में मिल के चले थे
ल: भूला दो मुहब्बत में हम तुम मिले थे
सपना ही समझो के मिल के चले थे …
हे: (डूबा हूँ ग़म की गहराइयों मे ं
सहरा हैं यादों का तनहाइयों में ) -2
सहरा हैं यादों का तनहाइयों में …
ल: (कहीं और दिल की दुनिया बसा लो
क़सम है तुम्हें वो क़सम तोड़ डालो) -2
क़सम है तुम्हें वो क़सम तोड़ डालो …
हे: (नई दिल की दुनिया बसा न सकूँगा
जो भूले हो तुम वो भुला न सकूँगा) -2
जो भूले हो तुम वो भुला न सकूँगा …
ल: (अगर ज़िंदगी हो अपनी ही बस में
तुम्हारी क़सम हम न भूलें वो क़समें) -2
तुम्हारी क़सम हम न भूलें वो क़समें …