तुम जो हमारे मीत ना होते
गीत ये मेरे गीत ना होते
हँस के जो तुम ये रंग ना भरते
ख़्वाब ये मेरे ख़्वाब ना होते
तुम जो ना सुनते क्यों गाता मैं
बेबस घूटके रह जाता मैं
सुनी डगर का एक सितारा
झिलमिल झिलमिल रूप तुम्हारा
जी करता है उड़ कर आऊँ
सामने बैठूँ और दोहराऊँ