काम ना जाने, धाम ना जाने
जाने ना सेवा पूजा
जाने बस इतना अजान हम
एक बिना नही दूजा
तुम आशा विशवास हमारे
तुम धरती आकाश हमारे
रामा …
दाता माता तुम बंधु भ्राता हो
दिवस रात्रि संध्या प्रभात हो
दीपक सूर्य चन्द्र तारक में
तुम ही ज्योति प्रकाश हमारे
रामा …
साँसों में तुम आते जाते
एक तुम्हीं से है सब नाते
जीवन वन के हर पतझड़ में
एक तुम्हीं मधुमास हमारे
रामा …
तुम ही सब में है तुम में सब
तुम ही भव हो हो तुम ही रब
अश्रु हमारी आँखों में तुम
तुम हो तो परिहास हमारे
रामा …