ल: साजना हो, साजना हो
र: साँवरी ओऽऽऽऽ
ल: सुन मेरे साजना रे, सुन मेरे साजना
देखो जी मुझको भूल न जाना
सुन मेरे साजना रे
र: सुन मेरी साँवरी ओ, सुन मेरी साँवरी
अपना बनाके छोड़ न जाना
सुन मेरी साँवरी ओ
र: न तुझको मैं भुलाऊँगा, निगाहों में छुपाऊँगा
मगर इतना करो वादा कि रिश्ता तोड़ न जाना
सुन मेरी साँवरी ओ
ल: ये रिश्ता चार आँखों का मेरे साजन न टूटेगा
जो मुझको आज़माना हो तो डोली लेके आ जाना
सुन मेरे साजना रे
र: बजे जिस रोज़ शहनाई समझ लेना बारात आयी
ओ अरमानों की डोली में तु दुलहन बन के आ जाना
सुन मेरी साँवरी ओ
ल: अगर क़िसमत बदल जाये, जुदाई हमको तड़पाये
क़सम है प्यार की तुझको तु मुझसे रूठ न जाना
सुन मेरे साजना रे