सुन ले तू मेरी इल्तिजा
सुन ले ख़ुदा मेरी दुआ
लम्बा सफ़र है ज़िन्दगी
हम दो मुसाफ़िर अजनबी
भूल ना जायें रासता
सुन ले ख़ुदा …
हम को तू कर दे एक जाँ
घर को बना दे गुलसिताँ
तुझको नबी का वासता
सुन ले ख़ुदा …
झूले ख़ुशी के झूलें हम
पास ना आये कोई ग़म
तू मेहरबाँ रहे सदा
सुन ले ख़ुदा …