सुर ना सजे क्या गाऊँ मैं
सुर के बिना जीवन सूना
दोनों जहां मुझसे रूठे
तेरे बिना ये गीत भी झूठे
जलते गया जीवन मेरा
इस रात का ना होगा सवेरा
संगीत मन को पंख लगाए
गीतों से रिमझिम रस बरसाए
स्वर की साधना परमेश्वर की
सुर ना सजे क्या गाऊँ मैं
सुर के बिना जीवन सूना
दोनों जहां मुझसे रूठे
तेरे बिना ये गीत भी झूठे
जलते गया जीवन मेरा
इस रात का ना होगा सवेरा
संगीत मन को पंख लगाए
गीतों से रिमझिम रस बरसाए
स्वर की साधना परमेश्वर की
sur nā saje kyā gāūṇ maiṅ
sur ke binā jīvan sūnā
donoṅ jahāṅ mujhse rūṭhe
tere binā ye gīt bhī jhūṭhe
jalte gayā jīvan merā
is rāt kā nā hogā saverā
saṅgīt man ko paṅkh lagāe
gītoṅ se rimjhim ras barsāe
svar kī sādhnā parmeśhvar kī