सूनी रे नगरिया, सूनी रे सेजरिया
भये परदेसी मेरे साँवरिया
सूनी रे नगरिया, रामा
लिखना न जानूँ मैं तो, कैसे लिखूँ पतिया
कोई बता दे उनसे मेरे मन की बतियाँ
रामा दुहाई मैं तो ये भी नहीं जानी
बीता कब बचपन आयी रे जवानी
सूनी रे नगरिया, सूनी रे सेजरिया
भये परदेसी मेरे साँवरिया
सूनी रे नगरिया, रामा
लिखना न जानूँ मैं तो, कैसे लिखूँ पतिया
कोई बता दे उनसे मेरे मन की बतियाँ
रामा दुहाई मैं तो ये भी नहीं जानी
बीता कब बचपन आयी रे जवानी
sūnī re nagriyā, sūnī re sejriyā
bhaye pardesī mere sāṇvriyā
sūnī re nagriyā, rāmā
likhnā na jānūṇ maiṅ to, kaise likhūṇ patiyā
koī batā de unse mere man kī batiyāṇ
rāmā duhāī maiṅ to ye bhī nahīṅ jānī
bītā kab bachapan āyī re javānī