उ: ओ
साँझ की बेला
साँझ की बेला जिया अकेला
गुन-गुन-गुन क्या गाये -2
मैं खड़ी अकेली -2
याद किसी की आये आये आये
साँझ की बेला
साँझ की बेला जिया अकेला
गुन-गुन-गुन क्या गाये
मैं खड़ी अकेली
याद किसी की आये आये आये
साँझ की बेला -2
( बाग़ में भँवरे झूम रहे हैं
झूम रहे हैं ) -2
कलियों के मुँह चूम रहे हैं
चूम रहे हैं
मोरे भँवरे आ जा आ जा रे -2
ये कली तेरी कुम्हलाये -2
हाय हाय
साँझ की बेला
अब न पिया मुझको तरसावो आवो -2
प्रेम सुधा बरसाओ आवो -2
प्रान पपीहा
( प्रान पपीहा
पिया-पिया कर ) -2
प्रीतम तुझे बुलाये
मो: आ
के जिसे ढूँढते फिरते थे मोरे नैना
मोरे नैना
वो यहाँ छुपी है मोरे मन की मैना
मैना
उ: ( हम रूठ गये कुछ भी ना बात करेंगे
बात करेंगे ) -2
मो: ( हम रूठने वालों के नखरे भी सहेंगे
सहेंगे ) -2
उ: तुम प्यार भरे नैनों से हमें लुभाये
मो: कोई प्यार भरे हिरदय में हमें बसाये
उ: ए ए ए
दो: ए ए ए