रसिक बलमा, हाये दिल क्यो लगाया
तोसे दिल क्यो लगाया, जैसे रोग लगाया
जब याद आये तिहारी, सूरत वो प्यारी प्यारी
नेहा लगा के हारी, तड़पू मैं गम की मारी
ढूँढे हैं पागल नैना, पाये ना एक पल चैना
ड़सती है उजली रैना, का से कहूँ मैं बैना
रसिक बलमा, हाये दिल क्यो लगाया
तोसे दिल क्यो लगाया, जैसे रोग लगाया
जब याद आये तिहारी, सूरत वो प्यारी प्यारी
नेहा लगा के हारी, तड़पू मैं गम की मारी
ढूँढे हैं पागल नैना, पाये ना एक पल चैना
ड़सती है उजली रैना, का से कहूँ मैं बैना
rasik balmā, hāye dil kyo lagāyā
tose dil kyo lagāyā, jaise rog lagāyā
jab yād āye tihārī, sūrat vo pyārī pyārī
nehā lagā ke hārī, taṛpū maiṅ gam kī mārī
ḍhūṇḍhe haiṅ pāgal nainā, pāye nā ek pal chainā
ṛastī hai ujlī rainā, kā se kahūṇ maiṅ bainā