सि: फागन की रुत आई रे ज़रा बाजे बाँसरी
बाल मोहन हरजाई रे नहीं बाजे बाँसरी
फागन की रुत …
सोने की गागर में रंग बनाया
रूप की पिचकारी लाई रे ज़रा बाजे बाँसरी
फागन की रुत …
जोबन पे जोबन है शोख़ी पे शोख़ी
नैनन में लाली आई रे ज़रा बाजे बाँसरी
फागन की रुत …
अ: मेरा सन्देशा कोई उनसे कहना
फिर से तेरी याद आई रे ज़रा बाजे बाँसरी
सि: मेरे हुए आज मैं जिनकी हो ली
होली के दिन होली आई रे ज़रा बाजे बाँसरी
फागन की रुत …