सु: मोहनिया, सुंदर मुखड़ा खोल -2
सुंदर मुखड़ा खोल
मोहनिया, सुंदर मुखड़ा खोल
नू: पंछी डार-डार न डोल -2
सु: मोहनिया, सुंदर मुखड़ा खोल
सु: मन की हो किस तरह अंत अभिलाशा (???) -2
कुआँ पास और फिर भी प्यासा -2
नू: रूप बड़ा अनमोल, रूप बड़ा अनमोल
सु: सुंदर मुखड़ा खोल
मोहनिया, सुंदर मुखड़ा खोल
नू: हाल जो तेरा, हुई है मेरा (???) -2
एक जगह दोनों का बसेरा -2
सु: प्रेम का अमरित गोल -2
मोहनिया, सुंदर मुखड़ा खोल -2
नू: पंछी डार-डार न डोल -2
सु: मोहनिया, सुंदर मुखड़ा खोल -2