कि: मैं एक चोर तू मेरी रानी - 2
चोरी-चोरी ले चला
मैं तुमको तुमसे ही चुराके
मैं एक चोर तू मेरी रानी - 2
(शर्मिला: चोर नहीं)
ल: तू मेरा राजा मैं तेरी रानी - 2
चल पड़ी मैं साथ तेरे
सारी दुनिया को भुलाके
तू मेरा राजा मैं तेरी रानी
तू मेरा राजा …
ल: (हम दोनों मे देखा है एक सपना
कहीं पे छोटा स एक घर है अपना - 2
ओ ओ…
कि: आँगन में उतरी हैं चाँदनी रातें
हम बैथे करते हैं प्रेम की बातें
ये बातें, ये रातें भूल जाएं हम
तो हमें याद दिलाना, हो भूल न जाना
(शर्मिला: क्या?)
मैं एक चोर तू मेरी रानी
चोरी-चोरी …
कि: (किस्मत ने तो हमको दुख ही बाँते
अपने रस्ते में बिखराए काँटे) -2
ल: हो, हमने सजाई प्यार से अपनी ग.इयाँ
काँटे चुन-चुन के बिखराई कलियाँ
ये कलियाँ ये गलियाँ भूल जाएं हम
तो हमें याद दिलाना, हो, भूल न जाना
(राजेश: क्या?)
तू मेरा राजा मैं तेरी रानी
चल पड़ी …
कि: मैं एक चोर …
ल: तू मेरा राजा
कि: तू मेरी रानी