फ़: महफ़िल में मेरे कौन ये दीवाना आ गया
म: जब शम्मा ने पुकार तो परवाना आ गया,
ओ परवाना आ गया
फ़: आना है मेरे पास तो खंजर को देख लो
खंजर को देख लो, देख लो
म: अजी यूँ कहो कि आँख के नश्तर को देख लो
देखा तुझे तो हुस्न पे मर जाना आ गया,
ओ मर जान आ गया
जब शम्मा ने पुकारा तो परवाना आ गया,
ओ परवाना आ गया
फ़: दीवाने, दीवने अपनी मौत का भी डर नहीं तुझे
म: दीवाने ऐसे होते हैं खबर नहीं तुझे
ऐ हुस्न होशियार कि दीवाना आ गया,
कि दीवान आ गया
जब शम्मा ने पुकारा तो परवाना आ गया,
ओ परवाना आ गया