दि: लागी नाहीं छूटे
अं
चाहे जिया जाये
ल: आ
चाहे जिया जाये
दि: ओ मन अपनी मसती का जोगी -2
कौन इसे समझाये
ल: आ
कौन इसे समझाये
रामा
दि: चाहें जिया जाये
ल: आ
लागी नाहीं छूटे
रामा
चाहें जिया जाये
दि: रिमझिम-रिमझिम बुंदियाँ बरसें
छिड़ीं प्यार की बातें
ल: मीठी-मीठी आग़ में खुल गईं
कितनी ही बरसातें
रिमझिम-रिमझिम बुंदियाँ बरसें
आ
जाने किसे दिल दीवाना
बैठा रोग लगाये
आ
चाहें जिया जाये
दि: लागी नाहीं छूटे
ल: अं
लागी नाहीं छूटे
रामा
दि: चाहें जिया जाये
ल: लागी नाहीं छूटे
रामा
चाहें जिया जाये
मन अपनी मस्ती का जोगी
हो मन अपनी मस्ती का जोगी
कौन इसे समझाये
चाहें जिया जाये
दि: तारों में मुसकान है तेरी
चाँद तेरी परछाईं
उतने गीत हैं जितनी रातें
हमने साथ बिताईं
आ
ल: आ
कैसे बोलूँ रे साँवरिया
करूं मैं कौन उपाय
आ
दो: चाहें जिया जाये
ल: रिमझिम-रिमझिम बुंदियाँ बरसें
छिड़ीं प्यार की बातें
मीठी-मीठी आग़ में खुल गईं
कितनी ही बरसातें
रिमझिम-रिमझिम बुंदियाँ बरसें
जाने किसे दिल दीवाना
बैठा रोग लगाये
आ
चाहें जिया जाये