कि: कोई माने या न माने, जो कल तक थे अनजाने
वो आज हमें जान से भी प्यारे हो गये
आ: कोई माने या न माने …
कि: अब तो हमको एक ही सपना पूरा करना है
जनम जनम का साथ तुम्हारी माँग में भरना है
आ: जिस दिन से तुमको जाना, हमने क़िसमत को माना
तुम्हारा ही होना था, तुम्हारे हो गये
कोई माने या न माने …
ऐसे न देखो हँस कर, हमको कुछ हो जाता है
तन पर क़ाबू रखते हैं तो मन खो जाता है
कि: दिल से जब दिल मिलता है, तो हम से क्या पर्दा है
जब आँखों ही आँखों में इशारे हो गये
कोई माने या न माने …
आँखों में डोरे गालों पे लाली, होंठों पे फूल खिले
आ: जितना भी देखूँ दिल नहीं भरता, तुम हम खूब मिले
कि: ये काली काली ज़ुल्फ़ें, ये गोरी गोरी बाहें
कितने सारे जीने के सहारे हो गये
दो: कोई माने या न माने …