हे: कल के चाँद आज के सपने तुम को प्यार बहुत सा प्यार
दो: कल के चाँद आज के सपने तुम को प्यार बहुत सा प्यार
हे: लाल तुम्हारे ही दम से कल जगमग होगा ये संसार …
हे: आँख मिचौली खेलेंगे कल तुमसे आंगन मेरा
संग तुम्हारे लौट आयेगा
रूठा बचपन मेरा (2)
अब तुतलाकर बात करेंगे ये दरवाज़े ये दीवार
ल: लाल तुम्हारे ही दम से कल जगमग होगा ये संसार …
ल: नैन तुम्हारे चाँद और सूरज (2)
फूल से जीवन ज्योती
सदा मेरे पलकों मे रहना मेरी मन की मोती
एक बार माँ कहने पर हम न्यौछावर होंगे सौ बार
हे: लाल तुम्हारे ही दम से कल जगमग होगा ये संसार …