आ: कभी तुमने किसी को फाँसा कभी हमने किसी को फाँसा
ये प्यार में सौदेबाज़ी तमाशा है तमाशा
कि: क्यों प्यार में करना धोखा क्यों यार को देना झाँसा
ये प्यार में …
हे दौलत से तौलकर दिल का ना मोल कर
क़ीमत क्या प्यार की लोग चुकाएँगे
आ: सौदा तो हो चुका दिल से दिलदार का
सौदाई प्यार के हाथ न आएँगे
वो कैसे जीते बाज़ी जो फेंके उल्टा पांसा
ये प्यार में …
सोने की धूप ये चाँदी की चाँदनी
दुनिया में प्यार को रास नहीं आए
कि: हीरे के नूर से मोती की आब से
दीवाने प्यार की प्यास न बुझ पाए
है प्यास जिसे दौलत की दुनिया में मरे वो प्यासा
ये प्यार में …
ये शादी की बात क्या गुड़ियों का खेल है
रूहों का मेल है ये तो जान-ए-जाँ
ग़ैरों के हाथ में दे दिया हाथ क्यों
मानूँ वो बात जो दिल माने ना
जो आप ही दिल का दुश्मन दे उसको कौन दिलासा
ये प्यार में …