झिंगापुर ताकुर-तकुर -2
सड़ा सड़ देख के पकड़ -2
देख के पकड़ देख के पकड़
अइ अइ यो
ध गि न कि न कि धिन
रूपमती रुक्मिनी
ध गि न कि न कि धिन न कि धिन
रुपमती रुक्मिनी रुक्मनी
( ध गि न कि न कि धिन
रूपमती रुक्मिनी ) -2
male 1: गुरु अपने बोल में जवाब दूँ
male 2: हाँ हाँ बोलिये बोलिये
अ: हाय हाय काट के भागा भैया को
काट के भागा कुत्ता
काट के भागा पागल कुत्ता
काट के भागा कुत्ता
काटा काटा काटा
कुत्ता काटा काटा
कुत्ता काटा काटा
कुत्ता काटा काटा
कुत्ता काटे तू भी काट
कुत्ते की दुम को काट
काट कोई नईं
काट कोई नईं
काट कोई
कुत्ते को पकड़ कर
लपट-झपट कर
दुम को काटे भैया
कुत्ता काटे भैया काटे
भैया काटे कुत्ता काटे
कुत्ता भैया दोनों काटे
धत तेरी धत तेरी धत ते आ
male 3: वाह-वाह जोगी ठाकुर
आप्ने तो बोल बड़े मज़ेदार बना दिये
अ: गुरू तुम्हारि क्R^पा है
जो कुछ सीखा तुम्हीं से सीखा है
अब कुछ नई चीज़ सुनाओ
male 3: ठाकूर
कल रात एक बड़ा अच्छा बोल अचानक याद आया
बुड्ढा हो गया ना
सब कुछ भूल जाता हूँ
अ: अरे ना ना ना गुरू
इस तरह भूलने से नहीं चलेगा
ये सब ख़ज़ाने क्या समेट कर ऊपर ले जाओगे
अरे बच्चों के लिये भी तो कुछ छोड़ जाओ
क्युँ बेटा हा हा हा गुरू हा हा
अरे गुरू इस लिये तो ये झोली लिये फिरता हूँ
जो कुछ कहते हो सब लिख लेता हूँ
चलो सुनाओ
male 3: वृन्दाबन में
वृन्दाबन में
विहतांग विहतांग
झमझांग झमझांग
झमतिकि सुआतिकि
न न न न न न न न
नूपूर बाजत
चिन्तामनि गान करत
भ्रमर कोकिल सूर बलत
सर्व सखि बिधी ताल धरत
( कृष्न चन्द्र ने नाचति न तौ बिधि
धौ ति धद धा
ति धौ ति धद धद धा ) -2