जब तुम ही नहीं अपने, दुनिया ही बेगानी है
उल्फ़त जिसे कहते हैं, इक झूठी कहानी है
जाते हुए क्यों तुमको, इस दिल का खयाल आता
तड़पा के चले जाना इक रीत पुरानी है
परवाने के जलने पे, हँसना न तमाशाई
हँसती हुई शमा भी, इक रात की रानी है
जब तुम ही नहीं अपने, दुनिया ही बेगानी है
उल्फ़त जिसे कहते हैं, इक झूठी कहानी है
जाते हुए क्यों तुमको, इस दिल का खयाल आता
तड़पा के चले जाना इक रीत पुरानी है
परवाने के जलने पे, हँसना न तमाशाई
हँसती हुई शमा भी, इक रात की रानी है
jab tum hī nahīṅ apne, duniyā hī begānī hai
ulfat jise kahte haiṅ, ik jhūṭhī kahānī hai
jāte hue kyoṅ tumko, is dil kā khayāl ātā
taṛpā ke chale jānā ik rīt purānī hai
parvāne ke jalne pe, hṇsnā na tamāśhāī
hṇstī huī śhamā bhī, ik rāt kī rānī hai