हे: जाग दर्द-ए-इश्क़ जाग, जाग दर्द-ए-इश्क़ जाग
दिल को बेक़रार कर, छेड़ के आँसुओं का राग
जाग दर्द-ए-इश्क़ जाग, जाग दर्द-ए-इश्क़ जाग
जाग्…, जाग्…
ल: आ आ…
किसको सुनाऊँ दास्तां, किसको दिखाऊँ दिल के दाग़
जाऊँ कहाँ कि दूर तक, जलता नहीं कोई चिराग़ - 2
राख बन चुकी है आग, राख बन चुकी है आग
हे: दिल को बेक़रार कर, छेड़ के आँसुओं का राग
जाग दर्द-ए-इश्क़ जाग, जाग्…
हे: ऐसी चली हवा-ए-ग़म, ऐसा बदल गया समा - 2
रूठ के मुझ से चल दिये …
रूठ के मुझ से चल दिये, मेरी खुशी के कारवां
डस रहें हैं ग़म के नाग
दोनो: जाग दर्द-ए-इश्क़ जाग, जाग दर्द-ए-इश्क़ जाग
दिल को बेक़रार कर, छेड़ के आँसुओं का राग
जाग दर्द-ए-इश्क़ जाग, जाग्…
हे: आँख ज़रा लगी तेरी, सारा जहान सो गया
ये ज़मीन सो गई, आसमान सो गया
सो गया प्यार का चिराग़
जाग, जाग, जाग, जाग्