आशा: हाथ आया है जबसे तेरा हाथ में
आ गया है नया रंग जज़बात में
मैं कहाँ हूँ मुझे ये खबर ही नहीं
तेरे कदमों पे ही गिर न जाऊँ कहीं
हाथ आया है …
दिल में नज़रों से छुप-छुपके आया है तू
दिल चुराकर मेरा मुस्कुराया है तू
तू कहे तो …
तू कहे तो एक बात तुझसे कहून
मेरा साथी नहिं बलकी साया है तू - 2
उंगलियाँ जब ज़माने की मुझपर उठें
खो न जाना कहीं ऐसे हालात में
रोशनी ज़िंदगी में मोहब्बत से है
वरना रखा है क्या चाँदनी रात में
हाथ आया है …
महेंद्र: दिल के जज़बात को मैं न ठुकराऊँगा
बलकी तसवीर-ए-जज़बात बन जाऊँगा
हक़ मोहब्बत का …
हक़ मोहब्बत का होता है कैसे अदा
वक़्त आया तो मैं ये भी दिखलाऊँगा - 2
आशा: प्यार के देवता के कदम चूमकर
ज़िंदगी नज़र कर दूँगी सौग़ात में
अब न घबराओ मंज़िल की दूरी से तुम
तुम अकेले नहीं मैं भी हूँ साथ में
हाथ आया है …