ल: गोरी तेरे सपनों के सजना
आये तेरे अन्गना
कर ले सोलह सिन्गार
हो
हो जा जाने को अब तैयार
हो
ले के डोली खड़े हैं कहार
को: गोरी तेरे सपनों के सजना
आये तेरे अन्गना
कर ले सोलह सिन्गार
हो
हो जा जाने को अब तैयार
हो
ले के डोली खड़े हैं कहार
ल: कल से बालम के रंग रंग जायेगी
उनके मन के महल को सजायेगी तू
को: ओ सजायेगी तू
ल: बीते वो दिन भूल जाना सखी
को: हो
बीते वो दिन भूल जाना सखी
ल: भूल जाना वो बचपन का प्यार
को: ले के डोली खड़े हैं कहार
गोरी तेरे सपनों के सजना
आये तेरे अन्गना
कर ले सोलह सिन्गार
हो
हो जा जाने को अब तैयार
हो
ले के डोली खड़े हैं कहार
ल: गोरी काहे को अब तेरे नैना भरे
एक दिन तो सभी को बिछड़ना पड़े
को: ओ बिछड़ना पड़े
ल: नैहर में रहना है दिन चार का
को: ओ नैहर में रहना है दिन चार का
ल: सबको जाना है साजन के द्वार
को: ले के डोली खड़े हैं कहार
गोरी तेरे सपनों के सजना
आये तेरे अन्गना
कर ले सोलह सिन्गार
हो
हो जा जाने को अब तैयार
हो
ले के डोली खड़े हैं कहार्