दूर है किनारा गहरी नदी की धारा Year 1973 Language Hindi दूर है किनारा, गहरी नदी की धारा टूटी तेरी नैया माँझी खेते जाओ रे ये नैया खेते जाओ रे आँधी कभी, तूफां कभी, कभी मझधार जीत है उसीकी जिसने मानी नहीं हार डूबते हुए को बहोत है तिनके का सहारा मन जहाँ मान ले माझी वहीं है किनारा