हे: कुछ नज़र हटी कुछ नज़र झूकी
टकराके लबोँ से बात छूपी
ल: ये बात छुपाए छुप न सकी
हम तुम से मुहब्बत कर बैठे
को: दो बोल तेरे मीठे मीठे
ल: (दो बोल तेरे मीठे मीठे
दिल जान के मालिक बन बैठे) -2 …
ल: तू पलकों की परछाई में
तू ये दिल की गहराई में
हम एक इशारे पर अपनी
दुनिया को तुम्हारा कर बैठे …
ल: खुशीयों का जो आया ये मेला
दिल तेरा अकेला जब से मिला
आकाश की सूनी झोली में
हम चाँद सितारे भर बैठे …