दिल-ए-नादां तुझे हुआ क्या है
आखिर इस दर्द की दवा क्या है
हम हैं मुश्ताक़ और वो बेज़ार
या इलाही ये माजरा क्या है
आखिर इस दर्द की …
हम को उनके वफ़ा की है उम्मीद
जो नहीं जानते वफ़ा क्या है
आखिर इस दर्द की …
दिल-ए-नादां तुझे हुआ क्या है
आखिर इस दर्द की दवा क्या है
हम हैं मुश्ताक़ और वो बेज़ार
या इलाही ये माजरा क्या है
आखिर इस दर्द की …
हम को उनके वफ़ा की है उम्मीद
जो नहीं जानते वफ़ा क्या है
आखिर इस दर्द की …
dil-e-nādāṅ tujhe huā kyā hai
ākhir is dard kī davā kyā hai
ham haiṅ muśhtāq aur vo bezār
yā ilāhī ye mājrā kyā hai
ākhir is dard kī …
ham ko unke vafā kī hai ummīd
jo nahīṅ jānte vafā kyā hai
ākhir is dard kī …