दीवाने का नाम तो पूउछो
प्यार से देखो, काम तो पूछो
अरे चाहे फिर न मिलना, चाहे फिर न मिलना
गुस्सा छोड़ो, बात तो मानो
इस बन्दे को अपना जानो
दूर से धोखा हो सकता था
पास हूँ मैं अब तो पहचानो
दीवाने का नाम तो पूछो …
हट गया आखिर भरम का साया
अब समझा मैं अब याद आया
ख़्वाब में तुमको, अक़्सर देखा
आज मुदस्सिम सामने आया
दीवान का नाम तो पूछो …
ये पैरिस की शाम सुहानी
प्यार की नगरी, रूप की रानी
छिड़ के रहेगा कोई अफ़साना
बन के रहेगी कोई कहानी
दीवाने का नाम तो पूछो …