स्त्री: (भिगोई मोरी साड़ी रे, देखो भीगे ना चोली)-2
पु.: (सम्भल सम्भल के पिचकारी )-2
खेलो हम से होली
स्त्री: भिगोई मोरी साड़ी रे
पु.: खेलो हम से होली
स्त्री: (भिगोई मोरी साड़ी रे, देखो भीगे ना चोली)-2
स्त्री: (जुग जुग खेले तुम से होली
भर गई आखिर मन की झोली)-2
(तन मन खेले रे, मन के राजा)-2
होली के दिन तेरी होली
भिगोई मोरी साड़ी रे, होली के दिन तेरी होली
(भिगोई मोरी साड़ी रे, देखो भीगे ना चोली)-2
पु.: (तन नाचे मन नाचे हो गोरी)-2
(मोहे नहीं कुछ अब सुध मोरी)-2
स्त्री: (नैन.ओन में नैना जगाये ? बलम ने )-2
(मारे शरम नहीं बोली न बोली न बोली)-2
(भिगोई मोरी साड़ी रे, देखो भीगे ना चोली)-2