बलमा हो जा मैं तोसे हारी
मोरी प्रीत चुनर रंग डारी, डारी रे
बलमा हो …
पास रहूँ तो मन घबराये
दूर रहूँ तो चैन न आये
इत जाऊँ या उत जाऊँ मैं
सोच सोच कर हारी, हारी रे
बलमा हो …
जान गयी मैं तू है छलिया
जादू भरी है तेरी मुरलिया
मन तड़पावत, रस बरसावत
... कर मैं हारी, हारी रे
बलमा हो …