अपनी नाकामी से मुझ को काम है
हो उन्हें राहत हमें आराम है
दिल हमारा और नहीं कुछ इख़्तियार
हाय मजबूरी इसी का नाम है
दिल की उल्झन में पता चलता नहीं
हम कहाँ हैं सुबह है या शाम है
हम तड़पते हैं नहीं उन को ख़बर
क्या मुहब्बत का यही अंजाम है
अपनी नाकामी से मुझ को काम है
हो उन्हें राहत हमें आराम है
दिल हमारा और नहीं कुछ इख़्तियार
हाय मजबूरी इसी का नाम है
दिल की उल्झन में पता चलता नहीं
हम कहाँ हैं सुबह है या शाम है
हम तड़पते हैं नहीं उन को ख़बर
क्या मुहब्बत का यही अंजाम है
apnī nākāmī se mujh ko kām hai
ho unheṅ rāhat hameṅ ārām hai
dil hamārā aur nahīṅ kuchh ikhtiyār
hāy majbūrī isī kā nām hai
dil kī uljhan meṅ patā chaltā nahīṅ
ham kahāṇ haiṅ subah hai yā śhām hai
ham taṛapte haiṅ nahīṅ un ko khabar
kyā muhabbat kā yahī aṅjām hai