चि: अजी आवो
अजी आवो मोहब्बत की खा लें क़सम
हमारे रहो तुम तुम्हारे रहें हम
अजी आवो
अ: अजी आवो जवानी की क़सम खा लें
हमारे रहो तुम तुम्हारे रहें हम
अजी आवो
अ: जिस धारा में नैया हमारी बहे रे
हमारी बहे रे
चि: जिस धारा में दुनिया ये सारी बहे रे
ये सारी बहे रे
दो: उस धारा में -2
घुल-मिल के संग बहें हम
हमारे रहो तुम तुम्हारे रहें हम
अजी आवो
अजी आवो जवानी की क़सम खा लें
हमारे रहो तुम तुम्हारे रहें हम
अजी आवो
अ: जिस बोली में बोलें पपीहा पिया हो
पपीहा पिया हो
चि: जिस बोली में धड़के हमारा जिया हो
हमारा जिया हो
दो: उस बोली में -2
कानों में तुमसे कहें हम
हमारे रहो तुम तुम्हारे रहें हम
अजी आवो
अजी आवो जवानी की क़सम खा लें
हमारे रहो तुम तुम्हारे रहें हम
अजी आवो
चि: ( चाहें पच्छिम से सूरज निकलने लगे
अ: चाहें चन्दा भी आग़ उगलने लगे ) -2
दो: ये उल्फ़त हमारी कभी हो ना पाये कम
हमारे रहो तुम तुम्हारे रहें हम
अजी आवो
अजी आवो जवानी की क़सम खा लें
हमारे रहो तुम तुम्हारे रहें हम
अजी आवो