त्म: ऐ ग़र्दिश-ए-ज़माना कब तक ये ग़म सहेंगे
स्म: वो दिन नहीं रहे तो ये भी नहीं रहेंगे
त्म: अब क्या बचेगी दुनिया अब होगा क्या सवेरा
कुछ सूझता नहीं है छाया है वो अंधेरा
स्म: मायूस हो न इतना होने को है सवेरा
अल्लाह तो ले रहा है ये इम्तहान तेरा
मालिक पे रख भरोसा ये तुझसे हम कहेंगे
त्म: अब एक पल भी जीना मुझको नहीं गँवारा
ऐ मौत तू कहाँ है अब दे मुझे सहारा
स्म: हिम्मत से काम ले तू आहें न भर ख़ुदारा??
ये कह रहा है तुझ से रहमत का ये सितारा
सब दूर हैं की मुश्किल ये दिन नहीं रहेंगे