आमिर्बै: आँसू थी मेरी ज़िंदगी
आँखों ने जो बहा दिया
रोती है मुझपे बेकसी
(हसरत ने मिटा दिया) - 2
ड़फ़ि: मिलके बिछड़ गये हो तुम
(बनके बिगड़ गये है हम) - 2
अपनी खुशी के वास्ते
(तुमने हमें मिटा दिया) - 2
आमिर्बै: सुनके कोई करेगा क्या
टूटे दिलों का माजरा
रोया है फूट-फूट कर
हमने जिसे सुना दिया
ड़फ़ि: वो जो तुम्हारा प्यार था
मौत की नींद सो गया
अब उसे ढूँढ़ते हो क्या
ख़ाक़ में जब मिला दिया
आमिर्बै: मेरी खुशी भी छीन ली
हसके मुझे रुला दिया
तुम तो मेरा नसीब थे
तुमने मुझे ये क्या दिया