बच्चे: आमदनी अट्ठन्नी खच.रा रुपैया
आमदनी अट्ठन्नी खच.रा रुपैया
भैय्या न पूछो न पूछो हाल
नतीजा ठन ठन गोपाल
दादा: एक दो तीन चार पाँच छ्ः सात आठ ह्म्म्म...
बच्चे: आमदनी अट्ठन्नी खच.रा रुपैया
भैय्या न पूछो न पूछो हाल
नतीजा ठन ठन गोपाल
दादा: जो कुछ अपने पास है बच्चों उस से काम चलाओ
बच्चे: जो कुछ अपने पास है Mummy उस से काम चलाओ
Daddy उस से काम चलाओ
बहुएं: तुम हो बच्चे अकल के कच्चे हम को न समझाओ
जाओ हम को न समझाओ
बोलो बोलो? अब क्य बोले?
दादा: जो कुछ नहीं है उस के खातिर जो है वो न खोना
बच्चे: जो कुछ नहीं है उस के खातिर जो है वो न खोना
देखो जो है वो न खोना
चूँ चूँ चूँ चूँ
चिड़िया चुग गयी खेत तो फिर न रोना
Mummy ऊँह ऊँह फिर न रोना
दादा: चर कमाये, आठ लगाये
बच्चे: चर कमाये आठ लगाये बाबू कन्हैय्यालाल
नतीजा ठन ठन गोपाल
बहुएं: देखो ससुरजी, अपने पड़ोसी
देखो ससुरजी, अपने पड़ोसी, हैं किस शान से रहते
देखो हैं किस शान से रहते
दादा: हर जो चीज़ चमकती है उसको सोना नहीं कहते
हाँ उसको सोना नहीं कहते
बेटे: आप पिताजी बूढ़े हो गये fashion कैसे भाये
बापू fashion कैसे भाये?
दादा: रंग गधे को कर लो तो क्या बन जाती है गाय
बोलो बन जाती है गाय?
बेटे: Daddy ये ये ये, Daddy ये ये ये
हमको भाये हलवा पूरी
हमको भाये हलवा पूरी आपको रोटी दाल
बच्चे: नतीजा ठन ठन गोपाल
बेटे: जो होगा देखा जायेगा दो दिन मौज उड़ा लें
हाँ हाँ दो दिन मौज उड़ा लें
बच्चे: घर में बिजली नहीं तो क्या घर को आग लगा लें
बोलो घर को आग लगा लें
दादा: बोलो बोलो चुप क्यों हो गये
बेटे: तुम क्या जानो बापू दुनिया बदले शाम-सवेरे
दुनिया बदले शाम-सवेरे
दादा: मैं हूँ बाप तुम्हारा बेटा या तुम बाप हो मेरे
बोलो क्या तुम बाप हो मेरे?
बच्चे: भूला भूला कौआ भूला
कौआ भूला अपनी चाल
चला जो हँस की चाल
नतीजा ठन ठन गोपल्!
आमदनी अट्ठन्नी खच.रा रुपैया
भैय्या न पूछो न पूछो हाल
नतीजा ठन ठन गोपाल्